रिपोर्ट आकाश जायसवाल स्टेट हेड छत्तीसगढ़
लापरवाही: पटवारी की एक गलती ने किसान को कर दिया मृत घोषित, अब जिंदा साबित करने सरकारी दफ्तरों के काट रहे चक्कर
सरगुजा
सरगुजा जिले (Surguja district) में एक किसान (Farmer) को पटवारी और धान खरीदी केंद्र की गलती का खामियाजा उठाना पड़ रहा है। दो लोगों की लापरवाही के चलते किसान (Farmer) को खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों (Government offices) के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
यहां एक किसान को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया है। पटवारी एवं धन समिति प्रबंधक के इस कारनामे के बाद पीड़ित किसान अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।
सरगुजा जिले (Surguja district) के बरौली तहसील के ग्राम पोकसरी का रहने वाला एक कर्जधारी किसान चैनसाय अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।
पीड़ित किसान चैनसाय को पटवारी एवं धान समिति प्रबंधन ने सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया है। लापरवाह पटवारी के इस कारनामे की जानकारी किसान को तब लगी जब वह धान बेचने के लिए टोकन कटवाने धान समिति केंद्र सेदम गया था। उसे बताया गया कि वह पंजीयन सूची में मृत हो चुका है अब वह समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच सकता है।
यह सुनकर पीड़ित किसान के होश उड़ गए। इसके बाद उसने अपनी सायकिल उठाई और सीधे अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए जिला मुख्यालय पहुंच गया। पीड़ित किसान ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उसे पुन: पंजीयन सूची में जिंदा घोषित किया जाए ताकि वह अपने धाम को बेचकर कर्ज चुका सके।
पीड़ित किसान का कहना है कि उसने इस वर्ष बैंक से कर्ज लेकर धान की खेती की थी उसने सोचा था कि धान को बेचकर वह अपना कर्ज अदा कर देगा। लेकिन पटवारी एवं समिति प्रबंधक की लापरवाही की वजह से किसान अब परेशान है। पीड़ित किसान को चिंता सता रही है कि यदि उसका समय रहते धान नहीं बिका तो वह बैंक से लिया हुआ कर्ज (Bank loan) कैसे अदा करेगा।

