फतेहपुर: जनपद के थाना चांदपुर के अंतर्गत अमौली कस्बे में रहने वाले सीएमपी कॉलेज, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता अमन दीप सचान की फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर नाम बदनाम करने की कोशिश का मामला सामने आया है, वहीं छात्र नेता अमन दीप सचान ने बताया कि उनके नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी चल रही है,
जिसमें गंदी गंदी गालियां देकर पोस्ट की जा रही है, जिसको लेकर हमने ऑनलाइन माध्यम से चांदपुर थाने में एफ आई आर दर्ज की है जिसकी जिसकी एफआईआर संख्या 202200071498 है, और इसके साथ ही साथ साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत पंजीकृत की है, वैसे तो सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर प्रतिष्ठित लोगों को बदनाम करना आम बात हो चुकी है, आपको बता दें अमन दीप सचान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संगठक चौधरी महादेव प्रसाद सीएमपी कॉलेज के छात्र नेता व इंडिपेंडेंट इंडिया न्यूज़ नेटवर्क के फाउंडर भी हैं,
हालांकि जनपद में ट्विटर के माध्यम से तीखे प्रश्न और जवाबो के लिए जाने जाते है, जन समस्या, छात्र हित के लिए हमेशा सक्रिय रहते है, और उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर और कई ऐसी फेसबुक आईडी चल रही है जिनके माध्यम से गंदे कमेंट अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जल्द उनके ऊपर भी एफ आई आर दर्ज करवा कर कार्यवाही करवाने की मांग करेंगे, ताकि ऐसे फर्जी और अभद्र लोगों के ऊपर कार्यवाही हो सके और साइबर क्राइम पर रोक लगाया जा सके।
जिसमें गंदी गंदी गालियां देकर पोस्ट की जा रही है, जिसको लेकर हमने ऑनलाइन माध्यम से चांदपुर थाने में एफ आई आर दर्ज की है जिसकी जिसकी एफआईआर संख्या 202200071498 है, और इसके साथ ही साथ साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत पंजीकृत की है, वैसे तो सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर प्रतिष्ठित लोगों को बदनाम करना आम बात हो चुकी है, आपको बता दें अमन दीप सचान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संगठक चौधरी महादेव प्रसाद सीएमपी कॉलेज के छात्र नेता व इंडिपेंडेंट इंडिया न्यूज़ नेटवर्क के फाउंडर भी हैं,
हालांकि जनपद में ट्विटर के माध्यम से तीखे प्रश्न और जवाबो के लिए जाने जाते है, जन समस्या, छात्र हित के लिए हमेशा सक्रिय रहते है, और उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर और कई ऐसी फेसबुक आईडी चल रही है जिनके माध्यम से गंदे कमेंट अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जल्द उनके ऊपर भी एफ आई आर दर्ज करवा कर कार्यवाही करवाने की मांग करेंगे, ताकि ऐसे फर्जी और अभद्र लोगों के ऊपर कार्यवाही हो सके और साइबर क्राइम पर रोक लगाया जा सके।

