फतेहपुर: नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करनें वाले दो युवकों को कोर्ट ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। फैसला पाॅक्सो कोर्ट के न्यायाधीश मो. अहमद खान ने सुनाया है।
किशनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी अपने मामा के घर खखरेरू थाना क्षेत्र के एक गांव में रहती थी। नाबालिग 3 सितंबर 2019 को परीक्षा देने काॅलेज पहुंचीं थी। स्कूल में मुंहबोले मामा कुशल सिंह व बच्चन मिश्रा उर्फ आशीष मिश्रा पहुंचे।
और किशोरी को यह बताकर कि उसके पिता का एक्सीडेंट होना बताकर गुमराह किया और इसके बाद बाइक से अगवा कर ले गए। अलग-अलग स्थानों पर रिश्तेदारों के घर में रखा। वहां दोनों ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार उत्तम ने बताया कि मामले में नाबालिग के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा कुशल और आशीष के खिलाफ दर्ज किया था। किशोरी की बरामदगी के बाद बयान दर्ज हुए। तब पाॅक्सो एक्ट के तहत सामूहिक दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाई गई।
मामले में छह गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। सामूहिक दुष्कर्म में कोर्ट ने आरोपियों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार का अर्थदंड लगाया। नाबालिग के अपहरण में 15 साल कैद और 15 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों सजा एक साथ चलेंगी। कुल 35-35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।


