जब मामला थाने पर आया तो कोतवाली इटियाथोक के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार दुबे ने मामला को गंभीर बताते हुए मामूली चोटें आई है बता कर विपक्षी के खिलाफ मामूली धारा सुसंगत कर कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की यही बड़ी लापरवाही देखने को मिली इटियाथोक ब्लॉक वालों की,जब कोतवाली से मेडिकल के लिए सीएससी भेजा गया तो सीएससी वालों ने बिना जांच पड़ताल के मामूली चोटें दिखाकर मेडिकल का कालम पूर्ति कर दिया जिससे विपक्षी के खिलाफ गंभीर धाराएं नहीं लग सकती,सीएससी अधीक्षक की गैरमौजूदगी में महेंद्र सिंह लिख दिया गलत मेडिकल रिपोर्ट जिससे विपक्षी के खिलाफ नहीं लग पाई कोई गंभीर धारा,पीड़ित को सर न्याय चाहिए दो लोगों का हाथ फैक्चर है जिस को मामूली चोट में तब्दील कर दिया गया और
एक लड़की को 8 टांके लगे हैं जिसको सीएससी वालों ने मामूली चोट बताइए और गलत रिपोर्ट दिया पीड़ित परिवार को भाई साहब न्याय मिल जाए यही हम लोग की हार्दिक इच्छा है जिससे एक परिवार को खुशहाल जिंदगी मिल जाएगी क्योंकि इस परिवार के साथ वाकई अन्याय हुआ है जिसमें कोतवाल संजय कुमार दुबे से लेकर के सीएससी इटियाथोक के सभी कर्मचारी मौजूद थे क्योंकि इसी पीड़ित परिवार के लोगों को बहुत चोटें आई हैं जिसमें से अरुण शुक्ला का हाथ तीन जगह फैक्चर है और लड़की के 8 टांके लगे हैं और उन्हीं के पत्नी रेनू शुक्ला कि हाथ कट गया है बांके से मारने की वजह से और यह सब होने के बावजूद सीएससी वालों ने सारी चोटों को मामूली बताते हुए बिना जिला अस्पताल रेफर किए कोतवाली भेज दिया

