Hathras पीड़िता के गांव में मीडिया को मिली एंट्री, प्रशासन व SIT पर भी लगे गंभीर आरोप

हाथरस घटना को लेकर भाभी ने बोली बड़ी बात 


Hathras-पूरे देश में इस वक्त का सबसे बड़ा और अहम मुद्दा Hathras पीड़ितों की पीड़ा को जनता के सामने लाने का ही है कल पूरे दिन मीडिया ने लाख कोशिश की पीड़ित परिवार तक पहुंचने की लेकिन Hathras प्रशासन ने मीडिया को पीड़ित परिवार से नहीं मिलने दिया। मुख्यमंत्री द्वारा पता मामले में संज्ञान लेने के बाद एसपी समेत कई आला अधिकारियों को निलंबित कर दिए जाने के बाद आज Hathras प्रशासन आखिरकार मीडिया के सामने झुक गया और मीडिया को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दे दी। मीडिया Hathras पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच चुका है।

Hathras दुष्कर्म पीड़िता की भाभी ने मीडिया से बातचीत में कई अहम बातें बताई। दुष्कर्म पीड़िता की भाभी का कहना है एसआईटी की टीम परसों उनके घर पर आई थी और उनसे पूछताछ की थी। जबकि कल एसआईटी की टीम पूछताछ कर ही नहीं रही थी गांव आई ही नहीं थी।
Hathras पीड़ित परिवार ने जिले के मुखिया डीएम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और बताया डीएम ने उनसे अभद्रता से बात की डीएम ने कहा “अगर तुम्हारी बेटी की मौत कोरोना से हो जाती तो क्या तुम्हें मुआवजा मिल जाता…?”
इतना ही नहीं पीड़ित परिवार ने न केवल Hathras जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है बल्कि शासन द्वारा एसआईटी कमेटी जो गठित की गई है जो कि पूरे प्रकरण की जांच कर रही है उस एसआईटी कमेटी पर भी पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं पीड़ित परिवार का कहना है एसआईटी भी जिला प्रशासन से मिली हुई है और आला अधिकारियों के इशारे पर काम कर रही है।
दुष्कर्म पीड़िता की भाभी और मां की एक ही मांग है कि उन्हें इंसाफ मिलना चाहिए। दुष्कर्म पीड़िता की मां का कहना है कि वह अपनी बेटी को आखरी बार मिट्टी में नहीं दे सकीं। मैं अपनी बेटी का अंतिम दर्शन तक ना कर सकी उसका चेहरा तक नहीं देख सकी। पीड़िता की भाभी ने तो यह तक कह डाला कि उस रात को उसकी ननंद का ही अंतिम संस्कार हुआ था इसमें भी अभी संदेह है।
दुष्कर्म पीड़िता की भाभी ने जिलाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा जब हमने बॉडी देखने की मांग की तो डीएम ने कहा आपको पता है पोस्टमार्टम के बाद डेड बॉडी का क्या हाल हो जाता है हथौड़े से मारकर हड्डियां तोड़ दी जाती हैं। पीड़िता की भाभी ने कहा डीएम उनसे बार-बार कह रहे थे तुम्हें मुआवजा तो मिल गया है तुम्हारे खाते में पैसा आया है तुम्हें पता है या नहीं…?
पीड़ित परिवार का कहना है जिस तरह से हमारी बेटी जली है वैसे ही हमारी बेटी के साथ दरिंदगी करने वाले दरिंदों को भी जलाया जाए। डीएम ने हमसे कहा था पोस्टमार्टम हुई बॉडी देख लोगे तो फिर खाना नहीं खा पाओगे।
पीड़ित परिवार ने बताया कि पुलिस ने हमारे साथ मारपीट की है पीड़िता की बहन ने खुलासा करते हुए बताया पुलिस वाले हमारे घर पर ही बैठते हैं और आरोपियों के घर पर भी बैठते हैं ऐसे में पुलिस पर हमें बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।
पीड़ित परिवार ने कहां किसके कहने पर हमारी बेटी को बिना शक्ल दिखाएं रात को 2:30 बजे पेट्रोल डालकर जला दिया गया उन्होंने बताया मीडिया को हमारे घर तक पहुंचने की इजाजत देना भी प्रशासन की एक तरह से चाल है।
पीड़ित परिवार ने बताया हम दाह संस्कार के बाद अस्थियां लेने इसलिए नहीं जा रहे कि हमें क्या पता कि हमारी बेटी का ही शव था या किसी और का हमें चेहरा तक तो दिखाया नहीं गया।
डीएम ने कहा खाते में तुम्हारे 2500000 रुपए आ गए हैं अब चुप हो जाओ अगर तुम्हारी बेटी कोरोना से मर जाती तो क्या तुम को मुआवजा मिल पाता..?
पीड़ित परिवार नहीं करवाएगा नार्को टेस्ट
डिस्कंफिट तक की भाभी का कहना है उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा था क्योंकि प्रशासन को डर था कि वह लोग सच्चाई मीडिया के सामने ना लाकर रख दें। दुष्कर्म पीड़िता की भाभी इस वक्त परेशान हैं उनका सीधा आरोप है कि उनके परिवार का नार्को टेस्ट नहीं करवाया जाए। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग से भी इंकार कर दिया है।
राजनीति चमकाने के लिए आ रही है राजनीतिक पार्टियां
दुष्कर्म पीड़िता की भाभी का कहना है कि यहां पर मीडिया को छोड़ो जितने लोग भी आ रहे हैं सब अपनी राजनीति चमकाने के लिए आ रहे हैं लोग चाहते हैं कि यह सरकार गिर जाए तो दूसरी सरकार बना ले लेकिन हमें राजनीति से कोई मतलब नहीं है हमें केवल इंसाफ चाहिए हम नहीं चाहते हैं।

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