इंदौर: पश्चिम क्षेत्र फूटी कोठी के सामने महावीर हॉस्पिटल में कल एक मरीज की मौत पर हंगामा हुआ मरीज की मौत का कारण पूछने वाले भाई की अस्पताल में जमकर धुनाई हुई जिससे उनका हाथ खूनमझार हो गया. अस्पताल ने बताया था कि ऑपरेशन लेजर से किया गया है
लेकिन बाद में शरीर पर कट के निशान होने पर अस्पताल प्रबंधन शंका के घेरे में है, जानकारी के मुताबिक सिरपुर सागर पैलेस में रहने वाले मनोज गजले को परिजन पेट दर्द होने पर फूटी कोठी के सामने महावीर हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे थे जहां डॉक्टरों ने सोनोग्राफी कर बताया कि उसे पथरी है और उसका ऑपरेशन में ₹70000 लगेंगे जबकि ₹20000 पहले ही लिए जा चुके थे।
लेकिन बाद में शरीर पर कट के निशान होने पर अस्पताल प्रबंधन शंका के घेरे में है, जानकारी के मुताबिक सिरपुर सागर पैलेस में रहने वाले मनोज गजले को परिजन पेट दर्द होने पर फूटी कोठी के सामने महावीर हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे थे जहां डॉक्टरों ने सोनोग्राफी कर बताया कि उसे पथरी है और उसका ऑपरेशन में ₹70000 लगेंगे जबकि ₹20000 पहले ही लिए जा चुके थे।
डॉ ऋषिकांत विशिष्ट द्वारा ऑपरेशन किया गया ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकल कर परिजनों को बताया कि मनोज की मौत हो चुकी है .जब परिजनों को लाश दिखाई गई तो उनके होश उड़ गए उसके शरीर अच्छे जगह कट के निशान थे. परिजनों का आरोप है कि जब लेजर से ऑपरेशन किया गया है तो फिर कट कैसे लगे हैं.
मृतक के भाई सोहन लाल ने बताया उसने इसका विरोध किया तो उसकी बेरहमी से पिटाई की गई जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई है और इसकी शिकायत उसने पुलिस में की है. डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत के मामले ने जब यह पुलिस पहुंची चंदन नगर थाना प्रभारी अभय नेमा ने बताया कि पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मृतक के भाई सोहन लाल ने बताया उसने इसका विरोध किया तो उसकी बेरहमी से पिटाई की गई जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई है और इसकी शिकायत उसने पुलिस में की है. डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत के मामले ने जब यह पुलिस पहुंची चंदन नगर थाना प्रभारी अभय नेमा ने बताया कि पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मनोज मजदूरी करता था और उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं . परिवार का पालन-पोषण मनोज ही करता था अब उसके मौत के बाद इस परिवार का क्या होगा । इस पर प्रश्न चिन्ह है जब महावीर हॉस्पिटल के संचालक निर्मल कुमार जैन से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि मनोज को 6 तारीख को भर्ती किया गया थ
ा शरीर पर कट के निशान के बारे में पूछने पर वे कोई जवाब नहीं दे पाए और सीधे फोन काट दिया शहर में इस तरह की घटना होना आम बात हो चुकी है मरीज और उनके परिजन डॉक्टर को भगवान का दर्जा देते हैं
लेकिन यह धरती के भगवान अपने आपको आसमान के भगवान से भी बढ़कर समझते हैं. किसी की जिंदगी इनके लिए मात्र एक केस की होती है,ऐसे अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए साथी ऐसे स्थलों पर तालाबंदी की जानी चाहिए।
ा शरीर पर कट के निशान के बारे में पूछने पर वे कोई जवाब नहीं दे पाए और सीधे फोन काट दिया शहर में इस तरह की घटना होना आम बात हो चुकी है मरीज और उनके परिजन डॉक्टर को भगवान का दर्जा देते हैं
लेकिन यह धरती के भगवान अपने आपको आसमान के भगवान से भी बढ़कर समझते हैं. किसी की जिंदगी इनके लिए मात्र एक केस की होती है,ऐसे अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए साथी ऐसे स्थलों पर तालाबंदी की जानी चाहिए।

