▪️कारगिल युद्ध शहीद विजय पाल की स्मारक में नहीं गए, मंत्री, विधायक व जिले के अधिकारी
▪️जनपद की सांसद व भारत सरकार की केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति व जहानाबाद विधानसभा के विधायक राजेंद्र पटेल को भी नहीं मिला समय
▪️ जिले के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक यहां तक कि स्थानीय थानाध्यक्ष को भी नहीं मिला समय
▪️ खानापूर्ति करने शाम के समय पहुंचे अमौली चौकी इंचार्ज
खानापूर्ति करते अमौली चौकी इंचार्ज
अमौली/ फतेहपुर: आज के दिन ही 24 साल पहले 26 जुलाई 1999 को कारगिल में पाकिस्तान की सेना व कश्मीरी उग्रवादियों ने भारत और पाकिस्तान के बीच की नियंत्रण रेखा पार करके भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश की थी, यह युद्ध लगभग 60 दिनों से ज्यादा चला था, इस युद्ध मे भारत के 527 वीर जवानों ने बलिदान दिया था, और 1363 जवान घायल हुए थे,
उन्हीं शहीद जवानों में फतेहपुर जनपद के अमौली ब्लाक के झाऊपुर गांव के लाल शहीद सैनिक विजय पाल सिंह यादव 1999 में हुए कारगिल युद्ध में 10 जून को शहीद हो गए थे, कारगिल युद्ध में शहीद होकर जनपद का नाम रोशन करने वाले वीर जवान की समाधि स्थल अमौली ब्लाक के झाऊपुर गांव में स्थित है, फतेहपुर जनपद वासियों के लिए बड़े शर्म की बात है
कि जनपद में कारगिल युद्ध में शहीद वीर जवान विजय पाल सिंह के स्मारक स्थल पर फतेहपुर जनपद की सांसद व भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति व उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के जहानाबाद विधानसभा के विधायक राजेंद्र पटेल व जनपद की जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक कारगिल युद्ध के वीर जवान शहीद को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंच पाए, यहीं नहीं शहीद का अपमान इस कदर हुआ
कि स्थानीय थाना चांदपुर के थानाध्यक्ष को भी कारगिल युद्ध में शहीद जवान के शहीद स्मारक पर जाकर माल्यार्पण करने का समय तक नहीं मिला, शाम को अमौली चौकी इंचार्ज के द्वारा शहीद विजय पाल सिंह का माल्यार्पण कर खानापूर्ति की गई, बड़े बड़े दावे करने वाली सरकार के नुमाइंदे व व जिले के अधिकारी विजय दिवस के मौके पर अपने क्षेत्र के वीर सपूत को भूल गए.
उन्हीं शहीद जवानों में फतेहपुर जनपद के अमौली ब्लाक के झाऊपुर गांव के लाल शहीद सैनिक विजय पाल सिंह यादव 1999 में हुए कारगिल युद्ध में 10 जून को शहीद हो गए थे, कारगिल युद्ध में शहीद होकर जनपद का नाम रोशन करने वाले वीर जवान की समाधि स्थल अमौली ब्लाक के झाऊपुर गांव में स्थित है, फतेहपुर जनपद वासियों के लिए बड़े शर्म की बात है
कि जनपद में कारगिल युद्ध में शहीद वीर जवान विजय पाल सिंह के स्मारक स्थल पर फतेहपुर जनपद की सांसद व भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति व उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के जहानाबाद विधानसभा के विधायक राजेंद्र पटेल व जनपद की जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक कारगिल युद्ध के वीर जवान शहीद को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंच पाए, यहीं नहीं शहीद का अपमान इस कदर हुआ
कि स्थानीय थाना चांदपुर के थानाध्यक्ष को भी कारगिल युद्ध में शहीद जवान के शहीद स्मारक पर जाकर माल्यार्पण करने का समय तक नहीं मिला, शाम को अमौली चौकी इंचार्ज के द्वारा शहीद विजय पाल सिंह का माल्यार्पण कर खानापूर्ति की गई, बड़े बड़े दावे करने वाली सरकार के नुमाइंदे व व जिले के अधिकारी विजय दिवस के मौके पर अपने क्षेत्र के वीर सपूत को भूल गए.
जब आया था शहीद का पार्थिव शरीर, रोया था पूरा जनपद
आज से 24 साल पहले जनपद के अमौली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले झाऊपुर गांव में जब कारगिल के शहीद वीर जवान विजय पाल सिंह का शव आया, तो पूरा जनपद रो पड़ा था, तब यही नारे लग रहे थे
कि ‘विजय पाल का यह बलिदान नहीं भूलेगा हिंदुस्तान’ समय बीता और लोग अपने वायदे भी भूलते गए, विकास खंड अमौली के झाऊपुर की माटी जन्मे पर देश के लिए लड़ते हुए 10 जून 1999 पैरा कमांडो विजय पाल यादव शहीद हो गए थे, कारगिल दिवस पर भूतपूर्व सैनिक, स्थानीय लोग तो जमा होते हैं लेकिन जनपद के सांसद, मंत्री, विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों को इसका ख्याल नहीं रहता है, और देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर देने वाले वीर शहीद जवान को भूल जाते हैं।
कि ‘विजय पाल का यह बलिदान नहीं भूलेगा हिंदुस्तान’ समय बीता और लोग अपने वायदे भी भूलते गए, विकास खंड अमौली के झाऊपुर की माटी जन्मे पर देश के लिए लड़ते हुए 10 जून 1999 पैरा कमांडो विजय पाल यादव शहीद हो गए थे, कारगिल दिवस पर भूतपूर्व सैनिक, स्थानीय लोग तो जमा होते हैं लेकिन जनपद के सांसद, मंत्री, विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों को इसका ख्याल नहीं रहता है, और देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर देने वाले वीर शहीद जवान को भूल जाते हैं।
Aman Deep Sachan
Editor-in-chief
