Oath Ceremony Of New CJI: भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस यू यू ललित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस उदय उमेश ललित को भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में  दिलाई शपथ 
नई दिल्ली : जस्टिस उदय उमेश ललित (Uday Umesh Lalit) ने आज भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। जस्टिस उदय उमेश ललित कार्यकाल केवल 75 दिनों का होगा, आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में जस्टिस उदय उमेश ललित को भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई,

जस्टिस यूयू ललित का जन्म 9 नवंबर 1957 को महाराष्ट्र में हुआ था, ललित को कानूनी शिक्षा विरासत में मिली है। जस्टिस यूयू ललित के दादा रंगनाथ ललित भारत की आजादी से पहले सोलापुर में एक वकील थे।
क्रिमिनल लॉ के विशेष जानकर है –

जस्टिस उदय उमेश ललित क्रिमिनल लॉ के स्पेशलिस्ट मानें जाते हैं। उनकी काबिलियत को देखते हुए वर्ष 2014 को उन्हें बार कौंसिल से सीधे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। वर्ष 2021 उन्हें में राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वह सभी 2G मामलों में CBI के पब्लिक प्रोसिक्यूटर के रूप में ट्रायल्स में हिस्सा ले चुके हैं।

वे दो कार्यकालों के लिए सर्वोच्च न्यायालय की लीगल सर्विस कमेटी के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
मुख्य न्यायाधीश बनने से पहले जस्टिस ललित का कैरियर : 
जस्टिस यूयू ललित वर्ष 1983 में बार में शामिल हुए थे और 1986 से सुप्रीम कोर्ट में अभ्यास करना शुरू कर दिया था। उन्होंने 1986 से 1992 तक पूर्व महान्यायवादी सोली जे. सोराबजी के साथ काम किया।

जस्टिस ललित वर्ष 1983 में एक वकील के रूप में नामांकित हैं। उन्होंने दिसंबर 1985 तक बाम्बे उच्च न्यायलय में प्रैक्टिस की। वर्ष 1986 से उन्होंने दिल्ली में अभ्यास करना शुरू कर दिया था। वर्ष 2004 में वह सुप्रीम कोर्ट में कानूनी सेवा समिति के सदस्य बने और वर्ष 2014 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद में नियुक्त हुए।

संपादक के बारे में

Scroll to Top