हमीरपुर:- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखलेश यादव के आह्वान पर गुरुवार समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।और अपने सोलह सूत्रीय मांगपत्र में प्रदेश में बढ़ते अपराधों सहित महिलाओं और पत्रकारों के साथ हो रही हिंसा के साथ ही पंचायत चुनाव में हुई भारी अराजकता तथा गुण्डागर्दी की जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्यवाही और पुनर्मतदान की मांग की।इस दौरान पुलिस मुस्तैदी से डटी रही और एहतियात के तौर पर कई थानों की पुलिस तथा फायर ब्रिगेड की टीमें मौजूद रहीं जबकि कोतवाली प्रभारी ऋषिदेव मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को देखते रहे।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखलेश यादव के आह्वान पर जहां पूरे प्रदेश में तहसील मुख्यालयों में सरकार विरोधी प्रदर्शन किया जाना था जिसके चलते गुरुवार को कस्बे के रहमानिया कालेज के निकट स्थित सपा जिला उपाध्यक्ष जावेद अहमद मेजर के कार्यालय में पूर्व प्रत्याशी विधानसभा मनोज प्रजापति के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें तहसील क्षेत्र के सभी सपा नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।सबसे बड़ी बात यह रही कि आज के धरना प्रदर्शन में सपा नेताओं में एकजुटता दिखाई दी और सपा नेता एक मंच पर दिखाई दिए जो सपा के लिए शुभ संकेत हो सकते हैं।जबकि सपा नेताओं के तीखे तेवरों को देखते हुए जहां पुलिस ने सपा नेताओं को जुलूस नहीं निकालने दिया तो एसडीएम राजेश कुमार चौरसिया और क्षेत्राधिकारी रवि प्रकाश की मौजूदगी में एसडीएम ने कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन ले लिया।
कार्यक्रम का संचालन सपा जिला महासचिव कमरुददीन ने किया।सपा नेताओं ने अपने सोलह सूत्रीय मांगपत्र में मांग की गई है कि किसानो को उनकी फसल का उचित समर्थन मूल्य दिया जाये और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.)की गारंटी दी जाये।साथ ही कहा गन्ना किसानों को उनकी फसल का बकाया 15 हजार करोड़ रुपये तत्काल भुगतान किया जाए।और किसानों के ऊपर थोपा गया काला कृषि कानून तत्काल प्रभाव से निरस्त् किया जाए।ज्ञापन में मांग की गई है कि देश में बढ़ती मंहगाई,पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण अन्य चीजों पर पड़ रही मंहगाई की मार से आम आदमी त्राहिमान कर रहा है इसे तत्काल प्रभाव से सरकार को रोकना चाहिए।सरकार को ध्वस्त कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही नौजवानों को रोजगार देना चाहिए।इसी के लिए प्रदेश में बढ़ रही महिलाओं के प्रति हिंसा और महिला अपराधों को रोकने में सरकार पूरी तरह से नाकाम है इसलिए सरकार को महिला अपराधों को रोकने के साथ ही समाजवादियों का हो रहा उत्पीड़न बंद कर उनके विरुद्ध दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने होंगे।और यूपी में भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा किए जा रहे संगठित अपराधों पर रोक लगानी चाहिए।
इसी के साथ ही प्रदेश की बदहाल स्वास्थ सेवाओं को दुरुस्त करने के साथ ही कोरोना काल में सरकार द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच की जाए और कोरोना काल में कोरोना से द्विवंगत हुए लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।और जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के चुनाव में हुई हिंसा की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए।इसी के साथ ही पत्रकारों,अल्पसंख्यको,दलितों पर हो रहे अत्याचारों और हिंसा पर रोक लगाने के साथ ही पिछड़ों को निर्धारित आरक्षण दिया जाना चाहिए।इस दौरान डा.मनोज प्रजापति पूर्व प्रत्याशी हमीरपुर, पूर्व जिलाध्यक्ष इदरीश खान, जिला महासचिव कमरुददीन, रईश अहमद, जिला उपाध्यक्ष जावेद मेजर, जिलाध्यक्ष अनु. मोर्चा ओमप्रकाश सोनकर, नगर अध्यक्ष जबीर चौधरी, पूर्व प्रदेश सचिव लोहिया शादाब हुसैन बिट्टू, मोहम्मद फरीद बबलू, याकूब गडडी,सनी पहलवान,कामता प्रसाद बालमीकि,शाकिर खान,देवेंद्र यादव,बस्सी भाई,जुबैर मास्टर,नूरी सहित लगभग एक सैकड़ा सपा नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।वहीं कस्बे के तहसील सहित अन्य मार्गों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा जबकि एसडीएम राजेश कुमार चौरसिया ने धरना स्थल पर पहुंचकर सपा नेताओं का ज्ञापन ले लिया।

