प्रधानमंत्री आवास योजना ग्राम पंचायत अधिकारी,ग्राम प्रधान सहित विकास खंड कार्यालय में तैनात अधिकारियों को काला धन कमाने का लाई सुनहरा अवसर
हमीरपुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना के कारण अब ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम प्रधान सहित खण्ड विकास कार्यालय में तैनात अधिकारियों और कर्मचायियों के लिए धन कमाने का सुनहरा अवसर लेकर आई है।जिसके चलते अपात्रों को पात्र और पात्रों को अपात्र करने का खेल खण्ड विकास कार्यालय द्वारा बखूबी खेला जा रहा है।साथ ही देश की बडी योजना मनरेगा में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दूसरे व्यक्तियों के खातों में पैसा डालने या बहुत से मनरेगा मजदूरों के पैसों का अभी तक भुगतान नहीं करने सहित तमाम शिकायतों को लेकर आज लगभग आधा सैकडा लोगों ने जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी को लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मामले से अवगत कराया।
मौदहा विकास खण्ड के ग्राम छिमौली में प्रधानमंत्री आवास घोटाले की आग अभी ठण्डी भी नहीं हुई थी।और उक्त मामले में निलम्बन और एफआईआर के साथ जांज का सिलसिला अभी जारी है।लेकिन उसी बीच कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पढोरी में आवास योजना में हुए भ्रष्टाचार को लेकर ग्राम प्रधान, सचिव सहित तमाम अधिकारी सकते में आ गए हैं ।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पढोरी निवासी लगभग दो दर्जन लोगों ने समाधान दिवस सहित अन्य अवसरों पर जिलाधिकारी सहित तमाम आला अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर मामले से अवगत कराया।जिसपर पढोरी में ग्राम प्रधान और सचिव की मिली भगत से अपात्रों को पात्र और पात्रों को अपात्र कर योजना के लाभ से वंचित करने का मामला सामने आया है।
एसडीएम के आदेश पर एडीओ सहकारिता ब्रजमोहन पटेल के नेतृत्व में जांज करने पहुंची टीम ने मामले में गडबडी होने की बात जरूर स्वीकार की है और अपात्रों से रिकवरी कर पैसा वापस कराने की बात कही है।लेकिन उक्त मामले में पत्रकारों से बातचीत करने से इंकार कर दिया है।बताया कि दो लोगों के आवास आवंटन में गडवडी पाई गई है।शेष की जांच चल रही है।सूची में काफी गलतियां व हेराफेरी की बात सामने आई है। फिल हाल जांच में दो लोग अपात्र बब्बूऔर रामकिशोर।
ग्राम पंचायत में आवंटित किए गए आवासों में कुछ ऐसे लोगों को भी आवास आवंटित कर दिये गए हैं जिनके पास पक्का मकान या अधिक खेती है।और पात्रों को योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है।हालांकि उक्त मामले का खुलासा होने के बाद अधिकारियों में हडकंप मच गया है और पढोरी में एक खुली बैठक कर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया जा रहा है।वहीं उक्त मामले में कालीचरण ने बताया कि हमारा मकान पक्का था लेकिन टपक रहा था इसलिए हमने आवास के लिए आवेदन किया था और हमारी पत्नी रामसखी के नाम आवास आवंटित कर दिया गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान, सचिव, पंचायत मित्र आदि ने सरकारी धन का बंदर बांट कर लाखों रुपए की चल और अचल संपत्ति पैदा कर ली है।इतना ही नहीं पिछले साबित हो चुके घोटालों की धनराशि की भी अभी तक रिकवरी नहीं की गई है।जबकि इस मामले से जुडे हुए लोंगों नें मौदहा, महोबा सहित अन्य स्थानो पर मकान बनाने के साथ ही ट्रैक्टर और अन्य चींजें खरीद ली है जिनकी जांज की जाना चाहिए।
By Amit Kumar,Bureau Chief Hamirpur

