UP Primary Schools : खण्ड शिक्षा अधिकारी की रहमोकरम से, मास्टर साहब स्कूल से रहते है गायब
फतेहपुर : एक तरफ राज्य सरकार पहली कक्षा से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने और उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने को लेकर पोशाक, किताब, छात्रवृत्ति आदि की राशि देकर आर्थिक मदद करती है तो दूसरी ओर जिन कंधों पर बच्चों को शिक्षा दिलाने की जिम्मेदारी है, वही कंधा बच्चों को पढ़ाई से दूर कर उन्हें उनकी प्राथमिक शिक्षा से महरूम कर देता है। सरकार की मुकम्मल कोशिशों के बावजूद पढ़ाई से वंचित होने के कारण नौनिहालों का भविष्य अधर में लटक जाता है।
मामला है|
फतेहपुर जनपद के अमौली विकास खंड के ग्राम सभा मदरी मजरा मिर्जापुर प्राथमिक विद्यालय जहा सोशल मीडिया मे वायरल फोटो अध्यापक उपस्थित रजिस्टर की जिसमे सहायक अध्यापक आशीष रस्तोगी लगभग 15 दिनों से उपस्थित रजिस्टर से गायब मिले। वही जब खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी करने के लिए फोन किया फोन नही लगा।
फतेहपुर जनपद के अमौली विकास खंड के ग्राम सभा मदरी मजरा मिर्जापुर प्राथमिक विद्यालय जहा सोशल मीडिया मे वायरल फोटो अध्यापक उपस्थित रजिस्टर की जिसमे सहायक अध्यापक आशीष रस्तोगी लगभग 15 दिनों से उपस्थित रजिस्टर से गायब मिले। वही जब खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी करने के लिए फोन किया फोन नही लगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब मिर्जापुर गाँव मे पड़ताल की गयी तो वहाँ के शिक्षकों और पढ़ाई की कलई खुल गयी ग्रामीण लोगो ने सहायक अध्यापक पर अक्सर गायब रहने का आरोप लगाया। लोगो ने शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की माँग की है|
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय मे चार शिक्षक है जिसमे दो शिक्षामित्र, प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक की तैनाती की गयी है लेकिन सहायक अध्यापक अक्सर विद्यालय से गायब रहते है। इसका सीधा असर बच्चो की पढ़ाई पर पड़ता है शिक्षक की कार्यप्रणाली मे सुधार नही आता तो ग्रामीण अपने बच्चो को स्कूल से निकालने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय मे चार शिक्षक है जिसमे दो शिक्षामित्र, प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक की तैनाती की गयी है लेकिन सहायक अध्यापक अक्सर विद्यालय से गायब रहते है। इसका सीधा असर बच्चो की पढ़ाई पर पड़ता है शिक्षक की कार्यप्रणाली मे सुधार नही आता तो ग्रामीण अपने बच्चो को स्कूल से निकालने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

