उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की सरगर्मी इन दिनों गांव में जोर-शोर से शुरू है चुनाव के ठीक पहले नाम जोड़ने व हटाने के मामले इन दिनों तहसील में बहुत अधिक आ रहे हैं सोमवार को एक ऐसा ही मामला फतेहपुर जनपद के खागा विकासखण्ड के शिवपुरी गांव का सामने आया है जहां शिवपुरी गांव के प्रधान पुत्र विष्णु प्रकाश सिंह ने डीएम को शिकायत पत्र देते हुए आरोप लगाया है कि उनकी माता गिरिजा देवी व उनका नाम वोटर लिस्ट से साजिश के चलते कटवा दिया गया है इतना ही नहीं गांव में जमाने से रह रहे साबिर अली, फिरोज, इरशाद, फिरदोस, दिलशाद आदि सैकड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब है प्रधान पुत्र ने कहा है कि अगर जांच करवा कर नाम नहीं शामिल किए जाते तो मजबूरन अदालत की शरण में जाना पड़ेगा यह कोई एक मामला नहीं है जिलों की दर्जनों ग्राम पंचायतों की नामावली सूची ने बीएलओ नोडल अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं आखिर क्या होती है नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी? गांव के अशिक्षितो की बात छोड़ दीजिए जब शिक्षितो के नाम ही गायब है तो समूची सूची के मूल्यांकन के बाद ऐसा तमाम गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं।

