फिर एकबार पत्रकार से अभद्रता, प्रधान पद के उम्मीदवार ने की पत्रकार के साथ अभद्रता
(इंडिपेंडेंट इंडिया ब्यूरो)बुलंदशहर:- उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर हमले का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुलंदशहर जिले के चोला चौकी क्षेत्र जाहिदपुर गांव में प्रधान पद के उम्मीदवार अपने कुछ समर्थकों के साथ रविवार को लॉकडाउन के दिन अपने गांव में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसकी कवरेज करने के लिए सोशल मीडिया के पत्रकार दिनेश कुमार जब वहां पहुंचे और प्रधान पद के उम्मीदवार से बात की तो प्रधान पद के उम्मीदवार ने पत्रकार से कैमरा बंद करने के लिए कहा। पत्रकार का आरोप है कि कैमरा बंद होने के बाद प्रधान पद के उम्मीदवार और उसके समर्थकों ने पत्रकार से अभद्रता करते हुए हाथापाई कर दी।
पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है ऐसे में यह हमला किसी पत्रकार पर नहीं बल्कि लोकतंत्र पर हमला है। पत्रकार पर हमला व्यक्तिगत कारणों से नहीं बल्कि लॉकडाउन के दौरान चुनाव प्रचार करने और प्रत्याशी के मास्क ना पहनने पर सवाल करने के कारण हुआ था। दिनेश कुमार अपने पड़ोस के गांव में सूचना मिलने पर खबर बनाने के लिए पहुचे थे। प्रधान पद के उम्मीदवार बलराम अपने समर्थकों के साथ गांव में घूम रहे थे । पत्रकार के सवाल करने पर प्रधान पद के उम्मीदवार नाराज़ हो गए और कैमरा बंद करने को कहा और उसके बाद प्रधानपद के उम्मीदवार ओर उसके समर्थको ने पत्रकार के साथ अभद्रता की ओर हाथापाई करदी। पत्रकार दिनेश कुमार ने आज संबंधित चौकी में तहरीर दी है।
कवरेज कर रहे पत्रकारों से बदतमीजी
एक तरफ सरकार का मानना है पत्रकार चौथा स्तंभ है वहीं दूसरी तरफ बुलंदशहर से एक मामला प्रकाश में आया है दिनांक 18/4/21 दिन रविवार को संपूर्ण लॉक डाउन होने के बाद भी प्रधान प्रत्याशी बलराम उर्फ बल्लू शाम को लगभग 7:15 बजे गांव अलीयाबाद में अपने भारी समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे ना तो किसी के चेहरे पर मास्क है ना ही कोई सैनिटाइजर है ना ही सरकार की कोई गाइडलाइन इन्हें डर ही नहीं किसी का उसी मौके पर दिनेश पत्रकार पहुंचते हैं और वीडियो बनाने लगते हैं प्रत्याशी के समर्थक आते हैं और वीडियो बंद करा देते हैं वीडियो बंद होने के बाद उसे बदतमीजी करते हैं उनका कार्ड तोड़ देते हैं और आगे का अंजाम बहुत ने की धमकी भी दे डालते हैं जब पत्रकार ने कंप्लेंट करने की कही तो प्रत्याशी अपने समर्थकों से फोन करा कर मामला शांत करने का दबाव बना रहे हैं जब पत्रकार ही सुरक्षित नहीं तो आम जनता कैसे सुरक्षित


