UttarPradesh: रायबरेली में 1500 रुपये में बन रही कोरोना निगेटिव रिपोर्ट, पोलिंग एजेंट बनने को लोग लगा रहे ऐसे जुगाड़

रायबरेली में 1500 रुपये में बन रही कोरोना निगेटिव रिपोर्ट, पोलिंग एजेंट बनने को लोग लगा रहे ऐसे जुगाड़ 

(संवाद सूत्र)रायबरेली:- कोरोना वायरस जहां जिंदगियों पर ग्रहण बन चुका है, वहीं आपदा के असुरों ने कमाई का जरिया बना लिया है। ऐसे असुरों से स्वास्थ्य महकमा भी अछूता नहीं है। आलम यह है कि आठ सौ से पंद्रह सौ रुपये तक में कोरोना निगेटिव रिपोर्ट बेची जा रही है। सनसनीखेज प्रकरण सलोन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। मतगणना में पोलिंग एजेंट बनने के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है। इसे बनवाने के लिए सरकारी अस्पतालों में खूब भीड़ उमड़ी। कुछ लोगों ने मनचाही रिपोर्ट बनवाने के लिए जुगाड़ का सहारा लिया। ऐसे में आठ सौ से पंद्रह सौ रुपये तक में कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जारी की जा रही है।   
वायरल वीडियो में एक शख्स को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट देने के लिए आठ सौ रुपये मांगे जा रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि एक हजार से डेढ़ हजार रुपये में रिपोर्ट बनती है। पहले ही बता दिया था कि आठ सौ रुपये लगेंगे, इससे कम नहीं। पता चला कि सीएचसी में तैनात डॉ. रिजवान द्वारा संबंधित रिपोर्ट बनाई गई है। संदेह हुआ तो सीएचसी प्रभारी पीके बैसवार ने इस संबंध में उनसे पूछताछ की। उन्होंने रुपये लेकर रिपोर्ट बनाने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि 30 अप्रैल को उनके चाचा राशिद खां उर्फ

बच्चन सीएचसी आए थे। उन्होंने कोविड रिपोर्ट यह कहकर मांगा कि गौतम कुमार, शर्मिला देवी और 53 श्यामसुंदर घर जा चुके हैं। रिपोर्ट मुझे दे दो, मैं उन्हें दे दूंगा। उन्होंने ही रिपोर्ट लेकर तीनों लोगों से मेरे नाम पर धन उगाही की है। इतना ही नहीं, चिकित्सक ने अपना बचाव करने के लिए चाचा के विरुद्ध तहरीर दे दी। कोतवाल पंकज त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर मिली है, रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।  

एक्शन में पुलिस: अधीक्षक डॉ. पीके बैसवार के मुताबिक, कोविड रिपोर्ट के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सीएमओ ने इस प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया है। डॉ. रिजवान ने कोतवाली में तहरीर दी है। किसी जान पहचान वाले को दूसरे की रिपोर्ट दे देना अपराध नहीं है।

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