कालपी: यमुना के लगातार बढ़ते जल स्तर को देखते हुए कालपी क्षेत्र के अधिकांश गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे गांवों में हाहाकार मचा है। ऐतिहातन प्रशासन ने सभी निचले इलाकों को खाली करा लिया है,
बता दें कि बुधवारको ओखला बांध से यमुना में लगभग चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे ब्रहस्पतिबार रात में ही यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था और यह बढ़त शुक्रवार को भी जारी रही। जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार यमुना का जल स्तर 106.12 मीटर से बढ़कर 106.90 पर पहुंच गया। जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भय का माहौल है।
शुक्रवार से ही जिलाधिकारी पल पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जिले के सभी आलाधिकारियों ने कालपी में ही डेरा जमा लिया है और प्रत्येक प्रभावित गांव की स्थिति पर नजर बनाए रखे है। जहां कालपी उप जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ प्रभावित चौकियों व प्रशासनिक अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए, प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी गांवों का भ्रमण कर लिया है,
फिलहाल ऐसा अभी कोई गांव नहीं है जिससे खाली कराने की आवश्यकता पड़े सभी गांवों के लेखपालों को गांवों में कैंप करने के निर्देश दिए गए है और प्रतिघंटे की रिपोर्ट मांगी जा रही है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के अनुसार अभी यमुना का जलस्तर और बढने की आशंका है। निचले इलाकों में बढ़ते जल स्तिर को देखते हुए दहशत का माहौल है।
बता दें कि बुधवारको ओखला बांध से यमुना में लगभग चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे ब्रहस्पतिबार रात में ही यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था और यह बढ़त शुक्रवार को भी जारी रही। जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार यमुना का जल स्तर 106.12 मीटर से बढ़कर 106.90 पर पहुंच गया। जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भय का माहौल है।
शुक्रवार से ही जिलाधिकारी पल पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जिले के सभी आलाधिकारियों ने कालपी में ही डेरा जमा लिया है और प्रत्येक प्रभावित गांव की स्थिति पर नजर बनाए रखे है। जहां कालपी उप जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ प्रभावित चौकियों व प्रशासनिक अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए, प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी गांवों का भ्रमण कर लिया है,
फिलहाल ऐसा अभी कोई गांव नहीं है जिससे खाली कराने की आवश्यकता पड़े सभी गांवों के लेखपालों को गांवों में कैंप करने के निर्देश दिए गए है और प्रतिघंटे की रिपोर्ट मांगी जा रही है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के अनुसार अभी यमुना का जलस्तर और बढने की आशंका है। निचले इलाकों में बढ़ते जल स्तिर को देखते हुए दहशत का माहौल है।
रिपोर्ट: एहतिशाम खान

