UP Panchayat Chunav: पंचायत चुनाव में किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी प्रत्याशियों ने पार्टी से बनाई दूरी व्यक्तिगत संबंधों पर दे रहे जोर

पंचायत चुनाव में किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी प्रत्याशियों ने पार्टी से बनाई दूरी व्यक्तिगत संबंधों पर दे रहे जोर

देश में कृषि कानूनों के विरोध में पिछले तीन महीने से चल रहे किसान आंदोलन का असर जिला पंचायत चुनाव व पंचायत चुनावों में नजर आने लगा है। लेकिन अभी तक भी राजनीतिक पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है, लेकिन पंचायत चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशियों ने मैदान में उतर कर तैयारी तेज कर दी है।

इसका अच्छा खासा असर गांव में होने वाली बैठकों और शादियों में होने लगा है,इस समय सबसे ज्यादा परेशान हैं बीजेपी के समर्थन में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी, जिस प्रकार किसान भाइयों में बीजेपी सरकार को लेकर नाराजगी है तो वही बीजेपी के समर्थन में लड़ रहे प्रत्याशी को डर लग रहा है।
वहीं राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि बीजेपी के समर्थन में चुनाव लड़ने की योजना बना रहे प्रत्याशी बीजेपी का साथ छोड़ सकते हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय से किसान आंदोलन को लेकर ग्रामीण इलाकों में बीजेपी सरकार के विरोध में हुई पंचायतें और लगे पोस्टर बैनर बीजेपी समर्थित प्रत्याशियों को डरा रहे हैं
भाजपा समर्थित प्रत्याशी यह भली-भांति जान चुके हैं की कहीं बीजेपी के समर्थन की घोषणा कर दी तो चुनावी पासा पलटना जाए पिछले दिनों जिस प्रकार मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में बीजेपी नेताओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ जिसको लेकर पंचायत चुनाव और जिला पंचायत चुनाव में भी अच्छा खासा असर देखने को मिलेगा।
By Aman Deep Sachan

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पंचायत चुनाव में किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी प्रत्याशियों ने पार्टी से बनाई दूरी व्यक्तिगत संबंधों पर दे रहे जोर

देश में कृषि कानूनों के विरोध में पिछले तीन महीने से चल रहे किसान आंदोलन का असर जिला पंचायत चुनाव व पंचायत चुनावों में नजर आने लगा है। लेकिन अभी तक भी राजनीतिक पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है, लेकिन पंचायत चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशियों ने मैदान में उतर कर तैयारी तेज कर दी है।

इसका अच्छा खासा असर गांव में होने वाली बैठकों और शादियों में होने लगा है,इस समय सबसे ज्यादा परेशान हैं बीजेपी के समर्थन में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी, जिस प्रकार किसान भाइयों में बीजेपी सरकार को लेकर नाराजगी है तो वही बीजेपी के समर्थन में लड़ रहे प्रत्याशी को डर लग रहा है।
वहीं राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि बीजेपी के समर्थन में चुनाव लड़ने की योजना बना रहे प्रत्याशी बीजेपी का साथ छोड़ सकते हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय से किसान आंदोलन को लेकर ग्रामीण इलाकों में बीजेपी सरकार के विरोध में हुई पंचायतें और लगे पोस्टर बैनर बीजेपी समर्थित प्रत्याशियों को डरा रहे हैं
भाजपा समर्थित प्रत्याशी यह भली-भांति जान चुके हैं की कहीं बीजेपी के समर्थन की घोषणा कर दी तो चुनावी पासा पलटना जाए पिछले दिनों जिस प्रकार मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में बीजेपी नेताओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ जिसको लेकर पंचायत चुनाव और जिला पंचायत चुनाव में भी अच्छा खासा असर देखने को मिलेगा।
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